Why did FIFA suspend the Indian football Federation?

 Why did FIFA suspend the Indian football Federation? 

Why did FIFA suspend the Indian football Federation? नमस्कार साथियों स्वागत है आप सभी का internetmaster.in पर मैं हूँ sudhir आप मेरे साथ में एक बेहतरीन post में जिससे में आज हम चर्चा करेंगे कि क्यों भारत को FIFA ने suspend किया या फिर ये कहिये की ऑल India Football  Federation को भारत ने क्यों निलंबित किया बहुत इम्पोर्टेन्ट जानकारी है क्योंकि यहाँ से आपको दो बातें बहुत अच्छे से पता चलेंगी इनमें से एक बात होने जा रही है कि हमारे देश में राजनीतिक पदों का दुरुपयोग कैसे होता है दूसरी बात जो हम लोग आपके साथ यहाँ डिसकस कर सकते हैं वह है कि भारत के अंदर किस प्रकार से राजनीति के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट का जो सुपर ऐक्टिविजम है वो किस लेवल का है साथ साथ हम ये भी जान लेंगे कि ये राजनीति के अंदर प्रभाव सुप्रीम कोर्ट का है या सुप्रीम कोर्ट सही कर रहा था आज बहुत सारे पहलू है मैं आपको हर पहलू के बारे में चर्चा करूँगा क्योंकि काफी महत्वपूर्ण है यह मुद्दा चलिए शुरू करते हैं जानकारी साथ ही



 जैसे मैं आपके सामने न्यूस पेपर की कुछ इमेजेज जो आप ऊपर देख सकते है  यहाँ पर आपको कुछ न्यूजपेपर की कटिंग दिख रही हैं इनमें से आप देख पा रहे हैं कि  FIFA ने India को suspend कर दिया है दा हिंदू की लाइन है जो मैंने आपसे शेयर की सेंट्रल चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले के अंदर जल्दी से सुनवाई करे सुनवाई की तारीख रखी गई है आज यानी सत्रह अगस्त बात सारी जुड़ी हुई है

 ऑल India Football  Federation से तो साफ  FIFA जो कि दुनिया के अंदर वही इमेज रखता है हालांकि और ज्यादा बढ़ी इमेज रखता है जैसे क्रिकेट के अंदर BCCI रखता है तो BCCI  की तरह ही सुप्रीम कोर्ट इस मामले के अंदर जल्दी से सुनवाई करे सुनाई जीस प्रकार से BCCI जो है ना India के अंदर क्रिकेट के अंदर अपनी सुप्रीमेसी रखता है बिल्कुल वैसे ही वर्ल्ड Football  के अंदर  FIFA अपनी सुप्रीमेसी रखता है जैसे India  के अंदर ICC हैं इंडियन क्रिकेट मतलब कंट्रोल जो है उसकी तरह ही हमारे देश में जो Football  है उसके लिए AIFF यानी की ऑल India Football  Federationहैं तो इस दो बात को अगर आप अच्छे से समझ पाएंगे तो आपको आज की इसपोस्ट पोस्ट बहुत अच्छे से समझ में आएगा यानी की गवर्निंग बॉडी जो है ना सेंट्रल मतलब देश के अंदर और विश्व के अंदर ये दो बातें मैंने आपको बता दी 


अब मैं आपको ये मुद्दा समझा उससे पहले कुछ बातें और क्लियर कर देता हूँ देखिए जैसे मैंने आपसे अभी कहा BCCI v/s ICC इन दो को समझे तो BCCI India के केस में काम कर रही है ICC इंटरनेशनल काम कर रही है मान लो की कभी ICC ने BCCI  को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को अगर मान लीजिए Suspend कर दिया हो वैसे ही न्यूस है ये कि ICC के स्थान पर  FIFA है और इसकी जगह ए ईँ फ़ है ये दो बातें आपको यू समझनी है ठीक है तो आज हुआ यह है कि  FIFA ने AIFF को suspend कर दिया क्या फर्क पड़ेगा इससे कोई फर्क इसलिए पड़ेगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी जो होती है ना वो अंतरराष्ट्रीय इवेंट को कराने का काम करती है ,


 जैसे मान लीजिए कोई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है अब जैसे अपन ICC के बारे में बात करें तो World Cup आयोजित करवाता है ना एशियन कप आयोजित करवाता है देशों के बीच में दो देशों का टूर्नामेंट या त्रिकोणीय मुकाबला ये सब करवाता है ऐसे  FIFA जो है वो भी विश्व के अंदर Football  की जो टीम है उनका अंतरराष्ट्रीय इवेंट कराता है


 जैसे  FIFA वर्ल्ड कप पुरुष का पुरुष वर्ल्ड कप हो गया अंडर सेवेनटीन हो गया है और सेवन्टीन के साथ साथ महिला वर्ल्ड कप हो गया ये ,सारे के सारे कारनामे  FIFA करता है तो एक प्रकार से दो बातें समझ में आनी चाहिए ICC और  FIFA का रोल क्या है ये दो बातें अगर आपको क्लियर हो गए , अब आप समझ पाएंगे इस बात को तो अगर अब मैंने ये बोला कि  FIFA ने AIFF को suspend कर दिया है तो हुआ ये था कि AIFF के पास यानी India वालो के पास में अभी अक्टूबर में एक इवेंट होने जा रहा है जिसका नाम है  FIFA अंडर सेवेनटीन WOMAN वर्ल्ड कप ठीक है ग्यारह तारीख से तीस अक्टूबर के बीच में अब असल में जैसे ही हमें यहाँ suspend किया गया है हमारा वो इवेंट ऑटोमैटिक खत्म हो गया अब आपको बात समझ में आ जानी चाहिए कि  FIFA के करते ही हमारा क्या नुकसान हुआ ठीक है 


 FIFA ने हमसे एक प्रकार से AIFF को suspend 'किया ही किया' हमारे पास में से मेजबानी और छिन गई ये चीज़ आप लोग अतिरिक्त रूप से ध्यान रख सकते हैं, अब इसके अलावा अब एक और बात करते हैं अब वो बात क्या है ये सब अगर AIFF suspend हो गया तो सर क्या हम यह मान ले की India कभी भी अब किसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में किसी अंतरराष्ट्रीय Football  में नहीं खेल पाएगा ? बिलकुल मान लीजिए जब तक यह फैसला नहीं हो जाता कौन सा फैसला India का क्या होगा किस मामले में AIFF के मामले में तब तक ये समझिए कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से हमारी EXIT हो गई है


 यहाँ  FIFA और ये रहा AIFF थोड़ी सी टेक्निकल जानकारी भी प्राप्त कर लीजिए  FIFA जो है वो एक इंटरनेशनल गवर्निंग बॉडी है जो कि Football  से लेकर के काम करती है 1904 में International Competition  को स्थापित करने के लिए बनाई गई थी, पेरिस में, इसका मतलब स्थापना हुई थी और वर्तमान में मुख्यालय का ज़रूरी स्विट्जरलैंड के अंदर गए वही अगर हम ऑल India Football Federation की बात करें तो इसकी स्थापना 1935 के अंदर दरभंगा में हुई थी, इसका हेडक्वार्टर दिल्ली के अंदर 1930 से  बनी हुई है ,यानी की Football  में हम बहुत पुराने हैं , तो ये आपको मतलब REAL डेटा हमने बताने की बात कही अब आपके दिमाग में क्लॉक मतलब लॉजिकल सवाल बनेगा की सर ऐसा हुआ क्यों मतलब ठीक है सस्पेंशन की बात आपने बता दी लेकिन ऐसा हुआ क्यों तो सब आन्सर दिया गया है  


FIFA ने हमें suspend क्यों किया ?

FIFA की तरफ से  FIFA की फुल फॉर्म में Federation इंटरनेशनल Football  असोसिएशन है तो इसके अंदर सवाल बनता है  FIFA ने हमें suspend क्यों किया ? तो  FIFA ने आंसर में एक लाइन बोली की भाई ऑल India Football  Federationके अंदर तीसरी पार्टी का यानी की थर्ड पार्टी का इंटरफेरेंस बढ़ रहा है अब ये सवाल सुनते ही आपके मन में एक सवाल बनने उसका थर्ड पार्टी इंटरफेरेंस का मतलब क्या होता है , थर्ड पार्टी का मतलब देखो  FIFA  एक पार्टी, AF दूसरी पार्टी ,तीसरी पार्टी यानी की कोई और भी हैं जो इन दोनों को काम करने का प्रभावित कर रहा है अब आप पूछेंगे  ऐसा कौन होगा जो प्रभावित कर रहा है और  FIFA को दिख गया और हमको नहीं दिखा क्या कोई बहुत बड़ा घराना है क्या कोई राजघराना है क्या कोई पैसे वाला ग्रुप है क्या जी नहीं ये थर्ड पार्टी है साथियों सुप्रीम कोर्ट ऑफ India असल में सुप्रीम कोर्ट ऑफ India का जो इंटरफेरेंस है


 वो  FIFA आपको पसंद नहीं आया अब आप पूछेंगे क्या बात कर रहे हो सर सुप्रीम कोर्ट के कारण हमारी मेजबानी चली गयी नहीं नहीं-नहीं तुरंत आपको वर्डिक्ट नहीं सुना है इस घटना को ध्यान से समज़ना है आप असल में ऐंड में पहुँच पाएंगे कि दोषी था कौन क्योंकि दोषी निर्धारित करना इतना आसान काम होता है तो अपन आज सब बैठ के जज बने होते हैं ना ऐसा नहीं है आप तो बस घटना के सारे काम सुनिए  FIFA ने एक तरह से समझिए कि पानी जो गिरा दिया है सुप्रीम कोर्ट के ऊपर गिरा दिया ये हैं जिम्मेदार अब नहीं साहब आप थोड़ा आगे घटना को सुनिए आप सुप्रीम कोर्ट अचानक घुस कहाँ से गई ई ऐफ़ में ये भी तो आप जानना चाहेंगे ना ये मान लो ये ऐसा हो गया की आप कह रहे थे सर मैं पेपर नहीं दे पाया बोले क्यों क्योंकि साहब मेरे को पुलिस ने पेपर नहीं दे दिया फिर किसी ने पूछा भाई पुलिस ने आपको पेपर क्यों नहीं देने दिया क्योंकि सर मैं नकल कर रहा था तो भाई घटना की नकल करने की थाना पुलिस को दोष क्यों दे रहा है


 एग्ज़ैक्ट्ली वही वाली बात यहाँ पर है ठीक है ना तो यहाँ पर क्या है कि AIFF के लिए एक आधार  FIFA कह रही है कि ई AF में थर्ड पार्टी इंटरफेरेंस बढ़ रहा था पूछा गया जब किस प्रकार से तो अब आपको वो घटना जाननी है कि सुप्रीम कोर्ट ऐसा क्यों कर रही थी इंटरफेरेंस चलिए आगे जानते हैं तो  FIFA के suspend करते ही क्या हो गया वो मैंने आपको बता दिया इस वजह से होगा क्या वो मैंने आपको बता दिया India अगर ऐसा ही रहा तो एशियन कप दो हज़ार तेईस में पार्टिसिपेट नहीं कर पाएगा इंडियन नेशनल टीम जो है वो इंटरनेशनल मैच नहीं खेल पाएगी ये मैंने सारी बातें आपको बता दिया अंडर सेवेनटीन भी हम नहीं खेल पाएंगे ठीक है ना  FIFA के सेक्रेटरी जनरल ने यह जानकारी दी ठीक है चलिए अब हम आगे की बात करते हैं तो आदेश क्या है वो मैंने आपको बता दिया अब हम आगे की बात जानते हैं कि  FIFA ने ऐसा किया क्यों चलिए हम बताते देखिये सबसे बड़ी जो देश की संस्था है वो हमको समझ में आ गया कारण समझ में आ गया


 अब इसके पीछे की आगे की कहानी सुनिए जैसे अपने देश में बीसीसीआई का अध्यक्ष होता है आपको मालूम है ना क्रिकेट के अंदर भी सुधार मतलब सुधार की घटनाएं सुप्रीम कोर्ट के इंटरफेरेंस से हुई है ना ऐसे ही ईं फ़ की बात सुनी है ऑल India Football   Federation के अंदर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ये जो एनसीपी है ना इस एनसीपी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल दो हज़ार नौ से इस असोसिएशन के अध्यक्ष बने हुए थे तो आप पूछेंगे अब ये बात कहाँ जा रही है साहब क्या ये बात प्रफुल्ल पटेल जी के ऊपर जा रही है सुनते चलिए अभी जजमेंटल मत होइए तो ऐसी स्थिती में क्या था दो हज़ार नौ से बने हुए थे तो क्या हो गया साथियों देश के अंदर जो कानून बना हुआ है ना AIFF के लिए वो यह है कि कोई भी व्यक्ति तीन बार से ज्यादा इस पद के अध्यक्ष के रूप में नहीं बन सकता नंबर एक और दूसरा एक एक कार्यकाल चार साल से अधिक का नहीं होगा तो चार तिया बारह तो टेक्निकल ही बारह साल से ज्यादा कोई इस पद पर नहीं रह सकता 


अब देखो 2009 का साल गया 2010 गया उसके बाद अगले दस साल के हो गए बीस बारह साल का पूरे 2020 में प्रफुल्ल पटेल जी इस पद पर 2020 तक बैठे रहे मतलब यूं समझिये कि उन्होंने तीन कार्यकाल अपने यहाँ रहकर पूरे कर लिए ,अब समझो सारा विवाद यहीं से शुरू हुआ क्लियर हो गया , FIFA चाहता था कि AIFF के अंदर अब चुनाव हो क्योंकि तीन बार एक ही व्यक्ति अध्यक्ष रैलियां एक तरह से नए असोसिएशन का गठन हो ताकि  FIFA और AIFFके संविधान के तहत चीजों को आगे बढ़ाया जा सके लेकिन ऐसा हो नहीं पाया क्यों नहीं हो पाया क्योंकि ई ऐफ़ के अंदर जो लोग अपनी सर्वोच्चता बरकरार रखना चाहते थे प्रफुल्ल पटेल जी और उनके जैसे लोग उन्होंने इस काम को अड़चन लगा दी अब अड़चन कैसे लगाई अब वो सुनी है डाइरेक्टली ये कहना फिर से वही बात हो जाएगी आपने तो निर्णय सुना दिया निर्णय नहीं साहब आप थोड़ा आगे सुनिए


 आप  FIFA की ओर से IF पर दबाव बनाया गया जबकि दूसरी ओर भारत की सुप्रीम कोर्ट में भी इससे जुड़ा हुआ मामला चल रहा था क्या सुप्रीम कोर्ट भी चाहता था कि दो हज़ार बीस में भी चुनाव तो करवाओ क्योंकि सुप्रीम कोर्ट चाहता था कि किसी भी कीमत पर Football  वर्ल्ड कप भारत से बाहर नहीं जाना चाहिए सोचो दो हज़ार बाईस के अंदर होने वाला जो हमारा मैच है उसके लिए सुप्रीम कोर्ट दो हज़ार बीस से प्रयासरत है की भाई चुनाव वगैरह कराओ  FIFA की गाइडलाइन्स के अकॉर्डिंग सेट हो जाओ ताकि हम अपने देश में चुनाव करवा पाए सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस मामले में क्या पाया कि इस ऑल India जो हमारी असोसिएशन फॉर Football  है ये सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचती है लंबी सुनवाई चलती है इस बीच में सुप्रीम कोर्ट कहती है की देखिये आप लोग चुनाव जब तक नहीं करवा पाएंगे तब तक आपको कोई अध्यक्ष जैसा आदमी चाहिए तो एक काम करते हैं हम एक समिति बना देते है वो समझती एक कमिटी बना देते हैं हम जो कि इस Football  असोसिएशन के अंदर और जो चुनाव है वो कंप्लीट करवाएगी 


राज्यस्तरीय चुनाव कंप्लीट करवाएगी और वर्ल्ड कप से पहले की जो तैयारियां हैं ना वो पूरी करवा देगी अब आपकी बात समझ में यानी एक प्रकार से यूं समझिए कि वर्ल्ड कप से जुड़ी हुई जो तैयारियां हैं वो तैयारियां कंप्लीट कराने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट ने अपने द्वारा एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई उसको दीदी ठीक है सुनकर तो अच्छा लगा की चलो प्रफुल्ल पटेल जी के स्थान पर तीन सदस्यीय समिति आ गई अब मामला साफ यहीं नहीं रुका ये तीन सदस्यीय समिति पहुंचती है कार्य कार्यालय काम करने के लिए जब वहाँ पहुंचती है तो भाईसाहब पहले से मौजूद अधिकारियों का इतना दबदबा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कमेटी काम नहीं कर पाई अब आप सोच के देखो इतनी ज्यादा नौकरशाही हावी थी या फिर राजनीति हावी थी कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कमिटी बनाई वो तक काम नहीं कर पाई और कमिटी का काम कराने गई थी


 वहाँ इलेक्शन कराने गई थी की भाई वहा पर मैं एक आदमी को चुन कर देती हूँ जो आदमी आगे का काम चलाएगा लेकिन भाई साहब नहीं हो सका क्यों क्योंकि जो लोग अपनी गलतियों पर बैठे हुए थे वो छोड़ना नहीं चाहते से क्योंकि वर्ल्डकप एक बहुत बड़ा इवेंट होता है बड़ा माल होता है बड़ी जिम्मेदारियां होती है ठीक है ऐसी स्थिती में सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि Football  वर्ल्ड कप से पहले संविधान के तहत सारी चीजे शुरू हो जाए लेकिन सब हो नहीं पायी तो कमिटी फिर से सुप्रीम कोर्ट गई कि सब हमको काम नहीं करने दे रहा कोई भी वहाँ पे जब कि इस कमिटी में बहुत बड़े बड़े लोग थे


 सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज कई एक चुनाव आयुक्त एक पूर्व खिलाड़ी भाई साहब इतने बड़े बड़े लोग इसके अंदर डाले गए लेकिन काम नहीं कर पाए कोई बात नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने प्रफुल्ल पटेल को AIFF के पद से हटा दिया और उन्होंने दिसंबर दो हज़ार बीस में होने वाले चुनावों को भी टाल दिया ये जो कमिटी थी ना इसमें Football  की सारी जिम्मेदारी संभाल ली  FIFA  को यहाँ पर भी आपत्ति है क्योंकि  FIFA का कहना है कि किसी भी तरह के Football  संस्था में थर्ड पार्टी चाहे वो सरकार हो या कोई समय की हो उसका दखल नहीं होना चाहिए अच्छा अब कुछ लोग क्या कह रहे हैं कि  FIFA ने ये जो जवाब दिया है ना ये प्रभावित हो कर दिया है प्रभावित हिस्से की हमारी जो पूर्व अध्यक्ष थे प्रफुल्ल पटेल जी उन्होंने  FIFA पर दबाव बनाया कि आप थर्ड पार्टी का नाम लेकर उन्हें इस जगह से हट आइए 


और कहिए कि ई ऐफ़ के लोग ही ये सारा काम करवाएंगे जबकि देखिए इस कमिटी का काम किया था कमेटी का काम था सही मायने में नए अध्यक्ष का निर्वाचन कराना लेकिन पुराने अध्यक्ष ने अपने प्रभाव से  FIFA  को ये कहलवाने के लिए मजबूर कर दिया कि आप कमिटी को कहिये कि वो थर्ड पार्टी इंटरफेरेंस है इस पोर्ट के इवेंट्स फोर्स का मतलब स्पोर्ट के संस्थान ही करेंगे ठीक है तो वही वाली बात होगी उल्टा चोर कोतवाल को डांट रहा है क्लियर हो गया तो यहाँ पर क्या था कि भारत को इसका इंतजार था लेकिन साथियों सुनवाई में और इन सारी कार्रवाईयों के चलते नौकरशाही के चलते हम लोग हो गए suspend  उम्मीद है कि मामला अब आपको पूरी तरह से क्लियर हो गया होगा


 अगर आपको ये मामला क्लियर हो गया तो जजमेंट अब आपके हवाले है कि आप किसके लिए क्या सोचते हैं ठीक हैं आप को इससे नुकसान क्या हुआ वो समझ लीजिए नुकसान ये हुआ जनाब कि अब भारत के अंदर कोई इवेंट नहीं हो पाएगा और ना ही हमारी जो Football  टीम है वो नहीं खेल पाएंगी कब तक नहीं खेल पाएंगी जब तक इस मामले के अंदर अगली सुनवाई नहीं हो जाती है तो आप पूछेंगे क्या सुप्रीम कोर्ट इतनी लाचार है क्या जी नहीं आप इस वीडियो को सत्रह अगस्त को सुन रहे हैं आज सुप्रीम कोर्ट में फिर से सुनवाई है मुसीबत ये है की सुनवाई में अगर कुछ हो भी गया तो भी अक्टूबर का इवेंट नहीं हो पाएगा क्योंकि इतनी जल्दी चुनाव होना 


और सारी व्यवस्थाएँ करवाना बहुत मुश्किल है ऐसी स्थिती में देश के बाहर नए स्थान तलाशे जाने शुरू हो गए हैं चुनाव जहाँ करवाए जा सकते है ठीक है साहब  FIFA बहुत लंबे समय से कह रहा था कि आगे चलिए आगे चलिए भारत ने इस काम को अपनी तरफ से हो स्पीड नहीं दी ये है वो प्रफुल्ल पटेल जी जिनके चलते यह सारा रायता धुल गया आप ने समझ लिया होगा ठीक है अंदर सेवन्टीन की बात मैंने बता दीये अक्टूबर में भुवनेश्वर गोवा और मुंबई के अंदर होने वाला था ये सारे वो लोग रहे


 जिनकी तस्वीरें देख लीजिए समयबद्ध तरीके से मैंने आपके सामने सारी बातें रखने का प्रयास किया है ठीक है इस पोर्ट कोर्ट के हवाले से ये सारी चीजे होती है ज्ञान समाप्त फिलहाल के लिए इतनाही 

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